कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीयों ने बनाए 14 रिकॉर्ड, नॉर्थईस्ट के खिलाडिय़ों ने भी किया कमाल

Daily news network Posted: 2018-04-16 13:17:22 IST Updated: 2018-04-16 13:21:57 IST
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीयों ने बनाए 14 रिकॉर्ड, नॉर्थईस्ट के खिलाडिय़ों ने भी किया कमाल
  • 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स रविवार को समाप्त हो गए। पिछले ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के मुकाबले भारत का इस बार सफर उम्दा रहा।

नई दिल्ली।

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स रविवार को समाप्त हो गए। पिछले ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के मुकाबले भारत का इस बार सफर उम्दा रहा। भारत ने गोल्ड कोस्ट में 66 पदक जीते। इन खेलों के दौरान 96 नए रिकॉर्ड बने। इनमें से 14 रिकॉर्ड भारतीयों ने बनाए। शूटिंग के 18 में से 7 और वेटलिफ्टिंग के 15 में से 7 रिकॉर्ड भारतीयों ने बनाए। बता दें कि भारत ने कॉमनवैल्थ गेम्स में 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य जीते हैं। भारत ने गोल्ड कोस्ट में 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपने इतिहास का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने इन 66 पदकों के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में 500 पदक भी पूरे कर लिये और यह उपलब्धि हासिल करने वाला वह पांचवां देश बन गया। 




भारत मेजबान आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बाद तीसरे स्थान पर रहा। आस्ट्रेलिया ने 80 स्वर्ण सहित 198 पदक जीते, जबकि इंग्लैंड ने 45 स्वर्ण सहित 136 पदक जीते। कनाडा 15 स्वर्ण सहित 82 पदक जीतकर चौथे और न्यूजीलैंड 15 स्वर्ण सहित 46 पदक जीतकर पांचवें नंबर पर रहा। भारत ने 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की 15 स्वर्ण सहित 64 की कुल पदक संख्या को कहीं पीछे छोड़ दिया। भारत का राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अपनी मेजबानी में 2010 दिल्ली में दूसरा स्थान रहा था, जहां उसने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीते थे। भारत ने 2002 के मैनचेस्टर राष्ट्रमंडल खेलों में 30 स्वर्ण सहित 69 पदक जीते थे और उस समय वह चौथे स्थान पर रहा था। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के अब कुल 504 पदक हो गये हैंए जिनमें 181 स्वर्णए 175 रजत और 148 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने खेलों के अंतिम दिन रविवार को सात पदक जीतकर अपने पदकों की ओवरऑल संख्या को 66 पहुंचा दिया।



शूटर्स और वेटलिफ्टर्स ने बनाए 14 रिकॉर्ड

गोल्ड कोस्ट गए एथलीट्स ने 96 नए रिकॉर्ड कायम किए। इनमें शूटिंग में 18 और वेटलिफ्टिंग में 15 नए रिकॉर्ड बने। नए रिकॉर्ड बनाने में भारतीय भी पीछे नहीं रहे। भारत के शूटरों और वेटलिफ्टिरों ने कुल 14 रिकॉर्ड बनाए। बता दें कि चार रिकॉर्ड पूर्वोत्तर की दो खिलाडिय़ों ने बनाए हैं। सिखोम मीराबाई चानू और संजीता चानू ने वेटलिफ्टिंग में ये रिकॉर्ड बनाए हैं। मीराबाई चानू ने वुमेंन्स 48 किग्रा के क्लीन एंड जर्क में 110 किलोग्राम भार उठाकर रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 48 किग्रा के स्नैच में 86 किलोग्राम उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया। मीराबाई चानू के कुल भार का बात करें तो उन्होंने 196 किलोग्राम के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। वहीं संजीता चानू ने 53 किलोग्राम के स्नैच में 84 किलोग्राम का भार उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया।  सिखोम मीराबाई चानू ने वुमेन्स 48 किग्रा कैटेगरी के स्नैचए क्लीन एंड जर्क और टोटल में कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप का भी रिकॉर्ड बनाया। इस तरह भारत की ओर से गोल्ड कोस्ट में 14 नए रिकॉर्ड कायम किए गए।




सीनियर्स मैरीकॉम, सुशील कुमार और सीमा पुनिया ने भी दिखाया दम

गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में जहां कई युवा एथलीट्स ने भारत के लिए पदक जीते, वहीं कुछ सीनियर्स ने भी मेडल टैली में जगह बना साबित किया कि अभी वे थमे नहीं हैं। इनमें बॉक्सर एमसी मैरीकॉम (35 साल),  रेसलर सुशील कुमार और डिस्कस थ्रोअर सीमा पुनिया का नाम शामिल है। 28 साल की शटलर साइना नेहवाल ने वुमेन्स सिंगल्स के फाइनल में पीवी सिंधु (22 साल) के खिलाफ  जीत हासिल कर साबित किया कि वे बड़े मैचों की खिलाड़ी हैं। शूटर जीतू राय ने ग्लासगो के बाद गोल्डकोस्ट में गोल्ड जीतकर भविष्य में देश के लिए और भी पदक जीतने का संदेश दिया।