कुदरत का चमत्कार, हर मौसम में बदल जाता है इस झील का रंग

Daily news network Posted: 2018-05-12 17:46:09 IST Updated: 2018-05-12 18:17:44 IST
कुदरत का चमत्कार, हर मौसम में बदल जाता है इस झील का रंग
  • चारों तरफ धुंध से ढका वातावरण, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ और ठण्ड से कंपकंपाता मौसम पर्यटकों को अपनी आेर आकर्षित कर लेता है।

गंगटाेक।

चारों तरफ धुंध से ढका वातावरण, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और ठण्ड से कंपकंपाता मौसम पर्यटकों को अपनी आेर आकर्षित कर लेता है। ऐसे ही खूबसूरत दृश्यों से भरा पूरा है ऊंचाई पर स्थित, त्सोंगमो झील जो आपको अपनी उत्कृष्ट खूबसूरती में बांध देगा। जी हां यहां हम बात कर रहे हैं सिक्किम के त्सोंगमो झील की जो गंगटोक के नज़दीक ही स्थित है। त्सोंगमो झील सिक्किम पर्यटन के दिलचस्प आकर्षणों में से एक है।


यह सिक्किम के पूर्वी सिक्किम जिले में स्थित है। इस जल स्रोत के चारों ओर बसा वातावरण का सुरम्य दृश्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। लगभग 3753 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस जल स्रोत में पानी पास ही स्थित हिमानी (ग्लेशियर) से आकर जमा होता है।


ठण्ड के मौसम में जहां इसका पानी पूरी तरह से बर्फ के रूप में जम जाता है वहीं गर्मी के मौसम में यह खिले हुए फूलों से घिरा होता है। यह झील कई प्रवासी पक्षियों का भी वास स्थल है। आज आपको हम दिखाते हैं सिक्किम के इसी खूबसूरती की झलक...



त्सोंगमो झील को यहां चंगू झील के नाम से भी जाना जाता है। झील की सतह अलग-अलग मौसम में अलग-अलग रंगों को दर्शाती है। इसलिए सिक्किम के मूल निवासियों के तौर पर यह एक पवित्र झील के रूप में माना जाता है।


त्सोंगमो झील को गुरु पूर्णिमा के शुभ उत्सव के लिए एक पवित्र स्थल माना जाता है। लोगों का मानना है कि इस झील का पानी औषधीय गुणों से भरा-पूरा है।

झील के चारों ओर स्थित अल्पाइन जंगल कई अलग अलग प्रजाति के पक्षियों का वास स्थल हैं।


आप झील के पास ही याक जिसे गँवाई भाषा में सुरागाय कहते हैं, की सवारी का आनंद भी ले सकते हैं। यह आपका अपना एक अलग ही तरह का खास अनुभव होगा। इन सारी विशेषताओं के साथ यह झील एक दिलचस्प जगह का निर्माण करता है।


आप हर बार जब भी अलग-अलग मौसम में इस झील की यात्रा पर जायेंगे, झील का रंग बदला हुआ पाएंगे। इस झील की खास विशेषता यह है कि भारतीय डाक सेवा ने वर्ष 2006 में इस झील को समर्पित एक टिकट जारी किया था।


आमतौर पर आप त्सोंगमो झील की यात्रा, नाथुला पास की यात्रा के दौरान भी कर सकते हैं। यह झील गंगटोक-नाथुला हाईवे पर ही, गंगटोक से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।


आप अपनी इस यात्रा में सबसे पहले नाथुला दर्रे की यात्रा भी कर सकते हैं और उसके बाद वापस लौटते हुए त्सोंगमो झील की यात्रा। नाथुला दर्रा,सिक्किम और चीन के अधीन तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र की सीमा पर एक पहाड़ी पास है।