अरुणाचल प्रदेश को प्रकृति ने अपने हाथाें से सजाया है

Daily news network Posted: 2018-04-20 18:53:52 IST Updated: 2018-05-09 14:18:52 IST
अरुणाचल प्रदेश को प्रकृति ने अपने हाथाें से सजाया है
  • भूटान, चीन और म्यांमार की सीमा से सटे और हिमालय की गोद में बसे अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। प्रकृति ने अरुणाचल को अपने हाथों से सजाया है।

ईटानगर।

भूटान, चीन और म्यांमार की सीमा से सटे और हिमालय की गोद में बसे अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। प्रकृति ने अरुणाचल को अपने हाथों से सजाया है। इसे देखकर एेसा लगता है मानों प्रकृति यहां मेहरबान हाे। यहां की शांत वादियां लोगों का अपनी आेर आकर्षित करने के साथ ही इसे सबसे खास बनाती है।


एक तरफ तो विभिन्न जनजातीय समूहों के उत्सव, उनके लोक संगीत की जीवंत परंपरा है तो दूसरी तरफ हरे-भरे ऊँचे-ऊँचे पहाड़, घने जंगल और उसके बीच से गुजरने वाली बलखाती सड़कें हैं जो लोगों को बरबस मुग्ध कर देती हैं। पूरे भारत में त्वांग में सबसे पहले सूरज निकलता है और इसे निहारने के लिए पर्यटक भी खूब आते हैं।


यहां के लाेग बेहद सामान्य जीवन जीते है। अन्य पर्यटन स्थलों की तरह यहां के स्थानीय लोग पर्यटकों को ठगते नहीं बल्कि उल्टे ठगे जाते हैं। यहां आपको बहुत कुछ देखने को मिलेगा। चलिए चलते हैं अरूणाचल की सैर पर...



ईटानगर


हिमालय की गोद में बसी अरूणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर बहुत ही खूबसूरत है। यहां वाइल्ड लाइफ रिफ्यूज, जू, जंगल, बौद्ध संस्कृति को करीब से देखने का अनुभव मिलेगा।


रोइंग

रोइंग शहर दिबांग घाटी में है। यहां झील और नदियों के किनारे बैठकर घंटों सुकून के पल बिताए जा सकते हैं।




पक्के टाइगर रिजर्व

पक्के एक टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट है, अगर आपको कैम्पिंग का शौक है तो यह जगह बेस्ट है। रंगबिरंगी तितलियां यहां की खूबसूरती खूब बढ़ाती हैं। वैसे यहां जंगल में आपको शेर भी दिख सकता है।

भालुकपोंग

बोमडिला से 100 किमी. की दूरी पर है भालुकपोंग। यह कामेंग नदी के किनारे बसा है। यह जगह एडवेंचर लवर्स को बहुत पसंद आएगी, राफ्टिंग के लिए भी यह अच्छा ऑप्शन है।

तवांग घाट


तवांग हैंडीक्राफ्ट का सेंटर है, यहां आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र है तवांग मोनेस्ट्री जो भारत में सबसे बड़ी बौद्ध मोनेस्ट्री है। इसी के साथ तवांग में पहाड़ और झील की खूबसूरती का लुत्फ भी उठाया जा सकता है।