असम में शुरू हुआ बिहू उत्सव, हर घर में टेस्टी खानों के साथ मनाया जाएगा जश्न

Daily news network Posted: 2018-04-13 14:58:10 IST Updated: 2018-04-13 17:46:09 IST
असम में शुरू हुआ बिहू उत्सव, हर घर में टेस्टी खानों के साथ मनाया जाएगा जश्न
  • भारत में कई तरह की संस्कृतियों का समागम देखने को मिलता है और यही कारण है की देश में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं और आज हम आपको पूर्वोत्तर के एक ऐसे ही त्योहार के बारे में बताने जा रहे हैं

गुवाहाटी

भारत में कई तरह की संस्कृतियों का समागम देखने को मिलता है और यही कारण है की देश में कई तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको पूर्वोत्तर के एक ऐसे ही त्यौहार के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका जश्न बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हम बात कर रहे हैं असम के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहार 'बिहू' की, जिसका जश्न आज से ही दिखाई देने लगा है। असम के लोग इस त्योहार के साथ ही नये साल की शुरुआत मानते हैं। इस दिन सूर्य मेष में गोचर करता है, इसलिए इसे नए सौर कैलेंडर की शुरुआत माना जाता है। इस साल यह उत्सव 15 अप्रैल को मनाया जाएगा।


भगवान को शुक्रिया करने का मौका है बिहू


बिहू भी बैसाखी की ही तरह किसानों का त्योहार होता है। इस दिन किसान अपनी फसल की कटाई करके ईश्वर को धन्यवाद देते हैं। इस दिन असम के हर घर में नए अनाज से ही स्वादिष्ट पकवान तैयार किये जाते हैं। हालांकि बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है, क्योंकि साल में तीन बार अनाजों की कटाई होती है, लेकिन इस समय पड़ने वाले बिहू को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।



बिहू के अलग अलग रूप


असम में बिहू तीन बार मनाया जाता है। पहला होता है भोगाली बिहू या माघ बिहू, दूसरा होता है बोहाग बिहू या रोंगाली और तीसरा होता है कोंगाली बिहू। बोहाग बिहू या रोंगाली के महत्व को फसलों की कटाई से जोड़कर देखा जाता है। इसके साथ ही बसंत की शुरुआत होती है। इस दिन लोग तरह-तरह के पकवान बनाते हैं, गाना गाते हैं और नृत्य करते हैं। इस त्योहार में असम के लोग बिहू डांस भी करते हैं। यह एक दिन का नहीं, बल्कि सात दिनों का त्योहार है और इसके हर दिन का अलग ही महत्व है। त्योहार मनाने के लिए लोग सुबह जल्दी उठते हैं और स्नान कर लेते हैं। नहाने के लिए वह कच्ची हल्दी और उड़द दाल के पेस्ट का इस्तेमाल करते हैं। 



इन स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ होता है जश्न




टेस्टी 'खार' डिश


इस दिन असम के लोग अपने घरों में बेहद टेस्टी खाना बनाते हैं और इन्हीं डिश में सबसे खास और बेहद महत्वपूर्ण डिश है 'खार'। इस डिश में अल्केलाइन या कहें कि क्षारीय तत्व डाला जाता है और पपीते के साथ-साथ जले हुए केले के तने का इस्तेमाल भी किया जाता है। इससे पेट की सफाई हो जाती है।



आलू पितिका


आलू पितिका बेहद आसान, लेकिन टेस्टी डिश में से एक है। बिहार में इसे चोखा कहते हैं। उबले आलू को मसलकर, उसमें प्याज, हरी मिर्च, हरी धनिया पत्तियां, नमक और सरसों तेल डाला जाता है। आमतौर पर इसे चावल दाल और नींबू के साथ सर्व किया जाता है।