जोरहाट में भाजपा का फेसबुक कांडः कलाकारों को लेकर अश्लील पोस्ट से मचा बवाल

Daily news network Posted: 2018-05-11 18:49:15 IST Updated: 2018-05-11 19:02:27 IST
जोरहाट में भाजपा का फेसबुक कांडः कलाकारों को लेकर अश्लील पोस्ट से मचा बवाल
  • जाेरहाट में फेसबुक पोस्ट के बाद मचे बवाल के बाद भाजपा ने खुद को फेसबुक से अलग करने का फैसला किया है।

गुवाहाटी।

जाेरहाट में फेसबुक पोस्ट के बाद मचे बवाल के बाद भाजपा ने खुद को फेसबुक से अलग करने का फैसला किया है। बता दें कि जोरहाट में भाजपा ने चार कलाकारों प्रस्तुती परासर, मानस राॅबिन, मधुरिमा चौधरी आैर बानी दास की निंदा की थी आैर फेसबुक पर उनके खिलाफ पोस्ट की थी जिसके बाद बवाल हो गया। ये कलाकार नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए गुवाहाटी आए हुए थे। भाजपा के विवादास्पद पोस्ट के बाद असम की सांस्कृतिक राजधानी कहलाने वाले जाेरहाट में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। तो वहीं दूसरी आेर इस पोस्ट ने सभ्य समाज को शर्मसार करने का काम भी किया है।

एेसा क्या पोस्ट किया कि मच गया बवाल


जोरहाट के भाजपा द्वारा किए गए इस पोस्ट में सबसे पहले सवाल किया गया था कि फोटों में दिख रहे लोगों को आप पहचानते है या नहीं? असमिया जाति की रक्षा के लिए ये सभी अब एक साथ निकल आए है। अच्छा लग रहा है, लेकिन इनसे पूछना चाहता हूं कि इनमें से किन-किन कि संतान या घर के बच्चे असमिया माध्यम के विद्यालयों में पढ़ते हैं? खानापाड़ा में जब ये पहुंचे तो किसी संगठन के बैनर तले नहीं, बल्कि प्रतिष्ठित व्यक्ति के हिसाब से आगे आए। असम की जनता की इन्हें फाॅलो करती है इसलिए इन लोगों की अश्लील आैर चरित्रहीन खबरों से...।    



जाेरहाट सांसद कामाख्या प्रसाद की प्रतिक्रिया


वहीं इस मामले को लेकर जोरहाट के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा ने कहा कि असम के शिल्पी समाज को अपमानित करने वाली इस घटना से वे दुखित है। उन्होंने कहा कि इस मामले को बड़ी गंभीरता से लेते हुए उन्हाेंने जांच के निर्देश दिए है।



हितेंद्र नाथ गोस्वामी का कहना है कि

दूसरी आेर जोरहाट के विधानसभा स्पीकर हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि एेसा पोस्ट देखकर राज्य के शिल्पी समाज को अपमानित करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष होने के बाद वे दल के कार्य से दूर ही है। क्योंकि अध्यक्ष को हमेशा निष्पक्ष ही होना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस मामले को लेकर खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि एेसे संगीन मामले में किसी जन प्रतिनिधि को खींच लाना उचित नहीं है।


दीप गोगार्इ, पूर्व सांसद व अध्यक्ष जिला कांग्रेस

राज्य के शिल्पी समाज को अपमानित करने वाले भाजपा के फेसबुक पोस्ट के बारे में वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि जिस दल में शिलादित्य जैसे विधायक हो तो उस दल से एेसा पोस्ट आना कोर्इ बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जब शिलादित्य महात्मा गांधी के खिलाफ विवादास्पद बयान देने से नहीं चूके तो उनका दल असम के शिल्पी समाज को अपमानित करने वाली कोर्इ बात कहता है तो ये काेर्इ बड़ी घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब अपनी ताकत से हर मुमकिन कोशिश करेगी कि हिंदू-बांग्लादेशियों को देश में बसाया जाए।




जाेरहाट के सलाहकार व आंचलिक छात्र संस्था के विजय शंकर ने कहा


इस मामले को लेकर जाेरहाट के सलाहकार व आंचलिक छात्र संस्था के विजय शंकर ने कहा कि शिल्पी समाज का आइना होते हैं। राज्य में जब भी जातीय अस्तित्व की बता आर्इ है, तब शिल्पी समाने ने आगे आकर राज्यवासियों का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि असम के भाजपा कार्यकर्ता से पूछना चाहते हैं कि नागपुर आैर दिल्ली के डर से राज्य के भाजपा कार्यकर्ता यह भूल गए कि वे असमिया है। आसू जोरहाट भाजपा के इस मामले में माफी का मांग करते है।

 

 

भाजपा काे भोइराब बाेरा की चेतावनी

मामले को लेकर सत्र मुक्ति संग्राम समिति (एसएमएसएस) के अध्यक्ष यू भोइराब बाेरा ने कहा कि असम कलाकारों का नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध सराहनीय था लेकिन उस पर भाजपा की एेसी प्रतिक्रिया निंदनीय है। साथ ही उन्हाेंने चेतावनी दी है कि अगर भाजपा ने दोबारा एेसा कुछ किया तो हम चुप नहीं बैंठेंगे आैर उन्हें जवाब दिया जाएगा।


इस मामले को लेकर विपक्ष के नेता देवब्रत सैकिया ने भी कलाकारों की सराहना की है तो वहीं भाजपा के फेसबुक पोस्ट की निंदा की है।

गौरतलब है कि 7 मई को प्रस्तुती परासर, मानस राॅबिन, मधुरिमा चौधरी आैर बानी दास नागरिकता संशाेधन बिल के विरोध में गुवाहाटी आए थे जहां इन्होंने पुरजाेर विरोध किया आैर सवाल किया कि उनके बच्चों ने असमिया माध्यमिक स्कूलों में पढ़ार्इ की। अब  विभिन्ना मीडिया अौर सोशल मीडिया पर उनके अनैतिक कामों काे चित्रित करके असम को नीचा नहीं दिखाया है?