त्रिपुरा CM के बचाव में उतरे जावेद अख्तर, ट्रोल कर रहे लोगों से कहा, अपने भी गिरेबां में झांक लो

Daily news network Posted: 2018-04-19 13:26:24 IST Updated: 2018-04-19 13:45:25 IST
त्रिपुरा CM के बचाव में उतरे जावेद अख्तर, ट्रोल कर रहे लोगों से कहा, अपने भी गिरेबां में झांक लो
  • त्रिपुरा के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता बिप्लब कुमार देब महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा करने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल हो रहे हैं।

अगरतला।

त्रिपुरा के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता बिप्लब कुमार देब महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा करने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया के बीच मशहूर गीतकार आैर शायर जावेद अख्तर ने ट्रोल कर रहे लोगों पर तंज कसा है। जावेद का कहना है कि महाभारत काल में इंटरनेट होने के दावों को लेकर लोग बिप्लब देब का मजाक बना रहे हैं, एेसे लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताआें को भी देखना चाहिए।



जावेद अख्तर ने गुरुवार को अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया- "महाभारत के समय में इंटरनेट का दावा करने के लिए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का मजाक बनाया जा रहा है। जिन तर्कों के आधार पर लोग ऐसा कर रहे हैं, लोगों को उसी के आधार पर अपने धार्मिक मान्यताओं (अंधविश्वासों) को भी देखना चाहिए। दुनिया में किसी भी धार्मिक मान्यता के अपने-अपने तर्क होते हैं। जैसे कि बिप्लब देब ने अपने दावों को लेकर दिए हैं।"


दरअसल, कुछ दिनों पहले त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब ने एक कार्यक्रम में दावा किया था कि 5000 साल पहले महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट थे। बिप्लब देब का तर्क है कि अगर इंटरनेट नहीं रहा होता,  तो हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र को संजय युद्ध का आंखों देखा हाल कैसे सुना पाते? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं गर्व महसूस करता हूं कि मैंने ऐसे देश में जन्म लिया है, जहां लाखों साल पहले ही अत्याधुनिक तकनीक मौजूद थी।



कार्यक्रम के दौरान किए गए अपने इस दावे के बाद बिप्लब देव सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे थे। महाभारत काल की जानकारी देना बिप्लव देब के लिए भारी पड़ गया। ट्विटर और फेसबुक पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। बता दें कि त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत राय मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन कर चुके हैं। राज्यपाल के मुताबिक, "बिप्लब देब सही कह रहे हैं। बिना प्रोटोटाइप के आविष्कार नहीं हो सकता। पौराणिक बातों का कुछ न कुछ महत्व जरूर होता है। उन दिनों इस तरह की टेक्नोलॉजी जरूर रही होगी।"