मीडिया पर भड़के बिप्लब देब, सचिवालय में पत्रकारों की एंट्री बैन

Daily news network Posted: 2018-04-20 17:06:01 IST Updated: 2018-04-20 19:44:58 IST
  • त्रिपुरा में राज्य सरकार आैर पत्रकारोंं के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा हैं। राज्य के मुख्यमंत्री के इंटरनेट आैर सेटेलाइट के बयान के बाद से जिस तरह से मीडिया ने उसकी कवरेज की है उसके बाद से दोनों के रिश्तों में कटवाहट आ गर्इ है।

अगरतला।

त्रिपुरा में राज्य सरकार आैर पत्रकारोंं के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री के इंटरनेट आैर सैटेलाइट के बयान के बाद से जिस तरह से मीडिया ने उसकी कवरेज की है। इसके बाद से दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गर्इ है। इसके चलते गुरुवार को वे पत्रकार जो अपने पहचान पत्र के साथ सीधे सचिवालय में प्रवेश करते थे, उन्हें अंदर जाने से साफ मना कर दिया। 


सचिवालय के अधिकारियों ने कहा कि हमें हार्इ आॅथरिटी से आदेश मिला है कि बिना किसी उचित कारण के पत्रकारों को सचिवालय में जाने की अनुमति न दी जाए। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि अब कोर्इ भी पत्रकार मुख्यमंत्री सचिवालय के सामने बिना किसी उचित कारण के नहीं घूम सकता है।


बता दें कि सरकार के इस फैसले की काफी आलोचना की जा रहा है। साथ ही इस फैसले ने राज्य सरकार अौर मीडिया के बीच के भार्इचारे को भी कटघरे में खड़ा कर दिया  है। राज्य सरकार के इस फैसले को लेकर मीडिया ने मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव मिलिंद रामटेके को इसकी शिकायत भी की है।


बता दें कि अगरतला के प्रगना भवन पीडीएस सिस्टम के कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने कहा था कि हमारी सभ्यता आैर संस्कृति काफी पुरानी है। उन्होंने यह अपने एक बयान में यह दावा किया था कि महाभारत के दिनों में इंटरनेट और अत्याधुनिक उपग्रह संचार प्रणाली मौजूद थी।


उन्होंने मंगलवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली ( पीडीएस ) कंप्यूटरीकरण एवं सुधार से जुड़ी एक क्षेत्रीय कार्यशाला में कहा था कि महाभारत में इस बात का उल्लेख है कि संजय ने नेत्रहीन राजा धृतराष्ट्र को पांडवों और कौरवों के बीच जारी युद्ध का आंखों देखा हाल बयां किया था।