स्वच्छ भारत में योगदान देने के लिए PM माेदी ने पूर्वोत्तर की दो महिलाआें को किया सम्मानित

Daily news network Posted: 2018-04-12 12:48:37 IST Updated: 2018-04-12 16:57:01 IST
स्वच्छ भारत में योगदान देने के लिए PM माेदी ने पूर्वोत्तर की दो महिलाआें को किया सम्मानित
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने मंगलवार को स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट भूमिका के लिए पूर्वोत्तर की दो स्वच्छाग्रहियों को सम्मानित किया।

नर्इ दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट भूमिका के लिए पूर्वोत्तर की दो स्वच्छाग्रहियों को सम्मानित किया। पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले की रहने वाली येशु वांग्मु आैर असम की बाेंटी सैकिया को स्वच्छ भारत अभियान में उत्कृष्ट भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया। इन दोनों महिलाओं ने स्वच्छ भारत अभियान को अपने-अपने जिलों में नई ऊंचाई तक पहुंचाया। बता देंं कि बिहार के चंपारन में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पूरे देश से कुल दस स्वच्छाग्रहियों को सम्मानित किया था।  



अरुणाचल प्रदेश की वांग्मू

येशु अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले की रहने वाली हैं। इन्होंने पीएम मोदी के द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन को अपने गांव के हर घर में पहुंचाया आैर वहां के लोगों को भी इसके लिए जागरूक किया। उन्होंने लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में भी बताया। 



मिशन से मिली प्रेरणा

येशु कहती है कि पीएम मोदी के इस मिशन ने मुझे प्रेरणा दी कि मैं जंग ब्लाॅक के लाेगों के व्यवहार को बदलकर, उन्हें इस बारे में बता सकू, क्योंकि जंग ब्लाॅक में टॉयलेट के इस्तेमाल को लेकर लोगों का नजरिया बहुत नकारात्मक था। इस नकारात्मक नजरिए को बदलने के लिए येशु ने कर्इ ग्राम सभाआें में समुदायों को इकट्ठा करके टॉयलेट के इस्तेमाल को लेकर जागरूक किया।  न केवल एक परिवार बल्कि पूरे समुदाय में स्वच्छता के महत्व को व्यापक रूप से फैलाने के लिए पीआरआर्इ के सदस्यों का सहारा लिया, ताकि अपने इस मिशन को आैर भी ज्यादा प्रभावशाली बना सकें। आज येशु की मेहनत रंग लार्इ आैर गांव के समुदायों का व्यवहार आैर नजरिया बदला। 



असम की बोंटी सैेकिया

येशु के अलावा असम के जोरहाट की रहने वाली बोंटी सैकिया दूसरी स्वच्छाग्राही चैम्पियन हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। सैकिया ने अपने ग्राम पंचायत के हर घर में टॉयलेट के महत्व को बताया आैर नियमित इस्तेमाल करने के लिए कहा। इसके लिए उन्होंने कोर्इ कोर कसर नहीं छोड़ी। सैकिया ने समाज को स्वस्थ्य आैर बेहतर बनाने के लिए ये कदम उठाया। आज उनका गांव जिले में सबसे साफ है। सैकिया के अथक प्रयास की बदौलत ही लोगों ने बाहर टॉयलेट जाना कम कर दिया है।  चाय के बागानों में शौच के मामलों में कमी आर्इ है। स्वच्छ भारत मिशन से  प्रेरणा और प्रोत्साहन लेकर दोनों स्वच्छाग्राहियों ने स्वच्छ भारत के निर्माण में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है।