आज, 12 मार्च 2026 को वैश्विक बाजारों में काफी हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां अमेरिकी डॉलर ने मजबूती पकड़ी है, वहीं दूसरी ओर मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों में आग लगा दी है। ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों और तेल की कीमतों के 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की धमकियों के बीच ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार निकल गया है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास में 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की घोषणा की है, लेकिन इसका प्रभाव अल्पकालिक रहने की ही उम्मीद है। अमेरिका के नवीनतम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े भी बाजार के अनुमानों के अनुरूप रहे हैं, जिसमें सालाना आधार पर 2.4% और मासिक आधार पर 0.30% की वृद्धि दर्ज की गई है।

मजबूत डॉलर से कीमती धातुओं में गिरावट

इस वैश्विक तनाव के बावजूद, मजबूत होते डॉलर के कारण सोने और चांदी की कीमतों पर भारी दबाव देखा जा रहा है। एबीसी रिफाइनरी के वैश्विक प्रमुख निकोलस फ्रैपेल के अनुसार, आमतौर पर युद्ध या हिंसा जैसी स्थितियां कीमती धातुओं को समर्थन देती हैं, लेकिन फिलहाल डॉलर की ताकत सोने के लिए बाधा बन रही है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 2026 के लिए सोने का वायदा भाव 708 रुपये (0.43%) गिरकर 1,61,081 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसी तरह, मई 2026 के लिए चांदी का वायदा भाव 2,126 रुपये (0.8%) टूटकर 2,66,362 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वैश्विक बाजार की बात करें तो, स्पॉट गोल्ड 5,172.86 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि स्पॉट सिल्वर गिरकर 85.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। सोने का कारोबार इस समय कच्चे तेल की कीमतों के विपरीत दिशा में चल रहा है और यह 5100 डॉलर से 5250 डॉलर के संकीर्ण दायरे में फंसा हुआ है।

ईटीएफ (ETF) निवेशकों को लगा झटका

कीमतों में आई इस गिरावट का सीधा असर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स पर पड़ा है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में चांदी और सोने के ईटीएफ में भारी बिकवाली देखी गई। मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ईटीएफ में लगभग 4% की सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, जो अपने पिछले बंद 267.23 रुपये से गिरकर 256.01 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। इसके अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, ज़ेरोधा, एक्सिस, एडलवाइस और 360 वन सिल्वर ईटीएफ जैसे फंड्स में करीब 3% की गिरावट आई। गोल्ड ईटीएफ की श्रेणी में भी ज़ेरोधा गोल्ड ईटीएफ में 3% की गिरावट देखी गई।

आज का हाजिर बाजार और भौतिक चांदी का भाव

वायदा बाजार की उथल-पुथल के बीच, हाजिर बाजार में आज (12 मार्च 2026, शाम 06:19 बजे) चांदी का भाव ₹ 2,73,842 प्रति किलोग्राम है। इसमें 5351 रुपये (1.99%) का बदलाव हुआ है। बाजार खुलने पर यह 2,69,212 रुपये पर था और इसका पिछला बंद 2,68,491 रुपये रहा।

सोने की तुलना में चांदी हमेशा से निवेश का एक किफायती और आकर्षक विकल्प रही है। इसके इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक उपकरणों में व्यापक इस्तेमाल के कारण भविष्य में इसकी कीमतों में उछाल की काफी संभावनाएं बनी रहती हैं। हालांकि, चांदी में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। इसके अंतर्राष्ट्रीय दाम डॉलर के उतार-चढ़ाव, महंगाई और वैश्विक बाजार की गिरावट जैसे कई कारकों पर निर्भर करते हैं।

चांदी खरीदते समय शुद्धता की पहचान

चांदी की ज्वैलरी, सिक्के या बार खरीदते समय सिर्फ कीमत देखना ही काफी नहीं है। आपको धातु की शुद्धता और विक्रेता की प्रामाणिकता की जांच भी करनी चाहिए। चांदी में मिलावट की पहचान करने का एक आसान तरीका चुंबक का इस्तेमाल है; असली चांदी कभी चुंबक से नहीं चिपकती।

निवेश के नजरिए से 999.9 (जिसे 9999 भी लिखा जाता है) रेटेड फाइन सिल्वर सबसे बेहतरीन मानी जाती है। इसमें 99.99 प्रतिशत शुद्ध चांदी होती है और केवल 0.1 प्रतिशत तांबा, सीसा या लोहा जैसी अन्य धातुएं होती हैं। यह काफी लचीली होती है और इससे आसानी से आभूषण बनाए जा सकते हैं। किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाली चांदी ही खरीदें। इससे मेकिंग चार्जेज और सही कीमत का आकलन करने में भी मदद मिलती है।

निवेश के प्रमुख विकल्प

अगर आप चांदी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास कई रास्ते मौजूद हैं:

  • भौतिक चांदी: आप टकसालों या प्रतिष्ठित डीलरों से 10 ग्राम से लेकर कई किलोग्राम तक के चांदी के सिक्के (जैसे अमेरिकन सिल्वर ईगल्स) या सिल्लियां (बार) खरीद सकते हैं।

  • सिल्वर ईटीएफ (ETF): बिना भौतिक रूप से धातु को रखे, आप शेयर बाजार के माध्यम से iShares Silver Trust (SLV) जैसे फंड्स में निवेश कर सकते हैं। यह तरलता और व्यापार में आसानी प्रदान करता है।

  • वायदा अनुबंध (Futures Contracts): कमोडिटी एक्सचेंज पर आप भविष्य की कीमतों का अनुमान लगाकर भौतिक डिलीवरी के बिना ट्रेडिंग कर सकते हैं।

  • सिल्वर स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड: खनन कंपनियों के शेयर खरीदना या कीमती धातुओं पर केंद्रित म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना भी एक अच्छा पोर्टफोलियो विविधीकरण माना जाता है।

  • मुद्राशास्त्रीय (Numismatic) सिक्के: ये संग्रहणीय सिक्के होते हैं, जिनका मूल्य धातु की मात्रा से ज्यादा उनके ऐतिहासिक महत्व पर निर्भर करता है।